shaadi akhir kyun ?
Wednesday, January 13, 2016
एक माता पिता की व्यथा..
यह कहानी मेरे एक परिचित की है , वो बंक मैं कार्यात एक अधिकारी थे , पूजा पाठ करने और अच्छे सज्जन पुरुष , उनकी धर्मपत्नी भी भग्वान से डरनेवाली और अपने परिवार का ध्यान रखने वाली , मेरे मित्र के दो बेटे थे , बड़ा बेटा काफ़ी शालीन स्वभाव का और छोटा नटखट और सबके प्यार मैं बिगड़ा हुआ , दोनो माता और पिता ने दोनो बाल्लको को अकचे संस्कार देने में और पडाने लिखाने में पूरा जीवन व्यतीत कर दिया अपने बाकचो को सारी सुख सुवीधयाए दी , जिसके फलतः बड़ा बेटा इंजिनीयर बन गया और छोटा बेटा भी पड़ाई मैं ठीक था , अब बात चली बड़े बेटे की शादी की , जैसे की हर माता पिता चाहिए है उनके घर मैं एक सुंदर शुशील और चरित्रवान् बहू आए उसके लिए एसे ही प्रयास किए , कई रिश्ते देखे लेकिन भाग्यवश कहीं भी बात पक्की ना हो सकी , उनके बेटे की आयु २९ वर्ष की हो चुकी थी ! सभी जानते थे की उसकी आयु हो चुकी है , तभी उनके किसी जानकार ने एक रिश्ता बताया, शुरूवात मैं काफ़ी अक्चा लगा ...बेटे की शादी भी हो गयी ! सब बहुत खुश थे , तभी अचानक परिवार को पता चला की जिस लड़की से शादी हुई वो चरित्रहीन
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